
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के हड़ताल पर पहली बार बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल में हमेशा बातचीत के द्वार खुले हुए हैं। साथ ही कर्मचारी संगठन द्वारा वेतन कटौती के निर्देश पर कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
आपको बता दें कि पिछले दिनों ही कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने 5 दिन का हड़ताल किया, जिसमें मंहगाई भत्ता और एचआरए को लेकर सरकार से मांग की गई थी। लेकिन 05 दिन के दौरान एक बार फिर वार्ता की पहल नहीं की गई है। अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद उम्मीद जगी है कि जल्द ही सरकार की तरफ से वार्ता की पहल हो सकती है। दरअसल प्रदेश में कर्मचारियों ने 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
बता दे कि जांजगीर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्षा की स्थिति कुछ जगह में ठीक है। उस जगह कम वर्षा हुई है, जिसमें बलरामपुर है। इसको लेकर विधायक मिले थे। सरगुजा व दुर्ग जिला काफी कमजोर है उसके बाद कोरिया, कोरबा और जशपुर है। वैसे तो औसत वर्षा हिसाब से रायपुर व बेमेतरा को भी कम बताया जा रहा है। मगर फसल यहां अच्छी है। नजरी सर्वे करने का निर्देश मैंने दिया है वे आदेश जारी करेंगे सभी जिलों में कलेक्टर देखेंगे कौन से ब्लॉक में फसल की रोपाई हुआ है कि नहीं हुआ है पानी की स्थिति क्या है नजरी सर्वे करके बताएंगे।
वही, संजय रावत की गिरफ्तारी को लेकर के कहा कि जो केंद्र सरकार के खिलाफ बोलेंगे उसके ऊपर कार्रवाई होगी। आप पूरा उदाहरण देख ले।।ईडी की पिछले 8 साल का ट्रैक रिकॉर्ड आप निकालेंगे केवल विपक्षियों को टारगेट किया गया। वही, ईडी जो है राजनीतिक उद्देश्य के लिए काम कर रही है। भाजपा शासित राज्य हैं। भाजपा के नेता है या उससे जुड़े वे संगठन है। केवल विरोधी दल को टारगेट किया जा रहा है, जिसका कांग्रेस विरोध करती हैं।