
रायपुर। 1 नवंबर, छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस, एक महत्वपूर्ण दिन है जो इस राज्य के गठन की कहानी को याद दिलाता है। मध्य प्रदेश से अलग होकर 2000 में अस्तित्व में आया, छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य बना।
राज्य का नाम –
छत्तीसगढ़ का नाम 36 गढ़ों से लिया गया है, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। यह नाम इस राज्य की समृद्ध इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की भूमि पर कई राजवंशों ने शासन किया, जिन्होंने इस क्षेत्र को समृद्ध बनाया।
डॉ. खूबचंद बघेल: एक महान नेता –
छत्तीसगढ़ के निर्माण में डॉ. खूबचंद बघेल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। उन्होंने नए राज्य की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ा, जो इस राज्य के निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। डॉ. बघेल ने अपना जीवन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए समर्पित किया और उनकी दृष्टि ने इस राज्य को एक नई दिशा दी।
जनसंख्या और साक्षरता –
राज्य के गठन के समय जनसंख्या 2 करोड़ थी, जो अब 3 करोड़ से अधिक हो गई है। साक्षरता दर 64.66 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत हो गई है। यह विकास इस राज्य की प्रगति को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास ने इस राज्य के नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाया है।
राजधानी रायपुर –
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर है, जो पहले बिलासपुर में बनने की योजना थी। रायपुर का चयन राजधानी के रूप में एक महत्वपूर्ण निर्णय था, जो इस राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रायपुर शहर अपनी सुंदरता और विकास के लिए जाना जाता है।
विविध बोलियाँ –
छत्तीसगढ़ में विभिन्न बोलियाँ बोली जाती हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ी, माढ़िया, हल्बी, और गोंडी प्रमुख हैं। यह विविधता इस राज्य की संस्कृति को समृद्ध बनाती है। छत्तीसगढ़ की बोलियाँ इस राज्य की पहचान हैं और यहाँ के लोगों की संस्कृति को दर्शाती हैं।
क्षेत्रफल –
छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्रफल 1,35,192 किलोमीटर है, जो इसकी विशालता को दर्शाता है। यह राज्य अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ के जंगल, पहाड़, और नदियाँ इस राज्य को एक सुंदर और समृद्ध बनाते हैं।
एक नए राज्य का जन्म –
छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस हमें इस राज्य के गठन की कहानी को याद दिलाता है। यह दिन हमें इस राज्य के विकास और प्रगति के लिए प्रेरित करता है।