
रायपुर : छत्तीसगढ़ दिव्यांग संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और प्रदेश में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरी कर रहे व्यक्तियों का खुलासा करने की मांग की। दिव्यांग संघ ने इसके साथ ही पेंशन, अन्य अधिकारों और संरक्षण से संबंधित मुद्दे भी सीएम के सामने रखे।
दिव्यांग संघ ने अपनी मांगों को लेकर 28 अगस्त को रायपुर में एक विशाल दिव्यांगजन स्वाभिमान पैदल मार्च का आयोजन किया। यह मार्च सुबह 10 बजे मरीन ड्राइव से शुरू होकर घड़ी चौक होते हुए मुख्यमंत्री निवास तक जाएगा। संघ ने यह पैदल मार्च तब तक जारी रखने का संकल्प लिया है जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं।
छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ के अध्यक्ष, बोहित राम चंद्रकार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, और महिला और बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात की है। इसके अलावा, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों जैसे प्रमुख सचिव, सचिव, उप सचिव, कलेक्टर और संचालक से भी चर्चा की है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
दिव्यांग संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
1. **फर्जी दिव्यांग शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को बर्खास्त करना**: संघ का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरी करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए।
2. **हर दिव्यांग को 5000 रुपये प्रतिमाह पेंशन**: दिव्यांगों के जीवनस्तर को सुधारने के लिए उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
3. **बीपीएल बाध्यता समाप्त करना**: गरीबी रेखा के नीचे रहने की शर्त को समाप्त कर सभी दिव्यांगों को पेंशन और अन्य लाभ देने की अपील की गई है।
4. **दिव्यांग अविवाहित युवती को महतारी वंदन में शामिल करना**: दिव्यांग युवतियों को विशेष लाभ और सम्मान देने की मांग की गई है।
5. **पदोन्नति में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी**: दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में 4 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की गई है।
6. **कोरोना काल से पहले के कर्ज को माफ करना**: दिव्यांगों के लिए कोरोना महामारी के दौरान लिए गए कर्ज को माफ करने की अपील की गई है।
संघ ने आश्वासन दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे इस संघर्ष को और भी व्यापक बनाएंगे और आंदोलन को जारी रखेंगे।