उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हिड़मा-देवा की मां से की मुलाकात, माताओं ने बेटों से कहा – ‘हिंसा छोड़ो, घर लौट आओ’

सोमवार को नक्सल सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक के पूर्वर्ती गांव में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं पहुंचे और ग्रामीणों के साथ जनचौपाल आयोजित की। इस दौरान उन्होंने नक्सली नेताओं माड़वी हिड़मा और बारसे देवा की माताओं से मुलाकात की। दोनों माताओं ने अपने बेटों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज और परिवार में लौटने की भावनात्मक अपील की।
जनचौपाल में उठी विकास की बातें
गांव की चौपाल में उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ भोजन साझा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। जनचौपाल में माड़वी हिड़मा की मां माड़वी पुंजी और बारसे देवा की मां बारसे सिंगे के साथ-साथ कई परिजन मौजूद रहे।
भावुक हुईं माताएं, बेटों से की घर लौटने की अपील
माड़वी पुंजी और बारसे सिंगे ने कहा कि उनके बेटे हथियार उठाकर गलत रास्ते पर चल पड़े हैं और अब वे चाहती हैं कि वे मुख्यधारा में लौटकर समाज के लिए काम करें। “जंगलों में रहकर हथियार उठाने से किसी का भला नहीं होगा। परिवार और समाज के साथ रहना ही असली जीवन है।” दोनों माताओं ने वीडियो संदेश जारी कर अपने बेटों से पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की।
उपमुख्यमंत्री बोले – “सरकार देगी सुरक्षित भविष्य”
विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि भटके हुए युवा समाज की मुख्यधारा में लौटें और शांति के मार्ग पर चलें। उन्होंने बताया कि जो युवा हिंसा छोड़ देंगे, उन्हें सरकार सुरक्षा, रोज़गार और सम्मानजनक जीवन देगी। “बस्तर के विकास के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। हिंसा नहीं, शिक्षा और विकास ही असली ताकत है”



