छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 : सभी जिलों में भव्य समारोह की तैयारी, मुख्य अतिथियों की सूची जारी

राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भव्य राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन समारोहों में राज्य के मंत्रीगण, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके लिए शासन ने प्रत्येक जिले के मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है।
विभिन्न जिलों में मुख्य अतिथियों की सूची घोषित
राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में मंत्री रामविचार नेताम, बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बस्तर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा राज्योत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।
वहीं गरियाबंद में मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में मंत्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा रायगढ़ में मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसके अलावा सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में मंत्री टंकराम राम वर्मा, बालोद में मंत्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में मंत्री राजेश अग्रवाल और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब समारोह का नेतृत्व करेंगे।
सांसद और विधायकों को भी मिली जिम्मेदारी
बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद संतोष पांडेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसद चिंतामणि महाराज, महासमुंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, कांकेर में सांसद भोजराज नाग और खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि होंगे।
वहीं मुंगेली में विधायक पुन्नू लाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक धरमलाल कौशिक, धमतरी में विधायक अजय चंद्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक रेणुका सिंह, कोण्डागांव में विधायक लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक विक्रम उसेंडी और सुकमा में विधायक किरण देव समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
सांस्कृतिक और विकासपरक गतिविधियों से सजेगा राज्योत्सव
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी और विकास योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय ढंग से आयोजित किए जाएं, ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित हो सके।



