कोरबा

तिवरता में संगीतमय भागवत कथा, अजामिल चरित्र के उपदेश से भक्त भाव-विभोर

नारायण का नाम जपने से बैकुंठधाम में मिलता है स्थान- दीपक कृष्ण शास्त्री महाराज

@sushil tiwari

ग्राम पंचायत तिवरता में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। अशोक धूलियानी एवं राजकुमार धूलियानी परिवार द्वारा आयोजित इस कथा में न केवल स्थानीय लोग, बल्कि दूर-दराज से भी भक्त पहुंचकर भक्ति रस का आनंद ले रहे हैं।

बुधवार को कथा वाचन करते हुए भागवताचार्य दीपक कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने अजामिल चरित्र का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नारायण का चिंतन करने मात्र से जीव को बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

अजामिल के जीवन प्रसंग को बताते हुए शास्त्री जी ने कहा कि अजामिल ब्राह्मण कुसंगति में पड़कर नास्तिक बन गया था। संत-महात्माओं के मार्गदर्शन से उसके दसवें पुत्र का नाम नारायण रखा गया। जीवन के अंतिम समय में जब यमदूत लेने आए, तब अजामिल ने अपने पुत्र को पुकारते हुए कहा – “नारायण बेटा, बचा लो।” उसी क्षण भगवान नारायण का स्मरण हुआ और केवल नाम उच्चारण से ही उसके सारे पाप नष्ट हो गए। अंततः अजामिल को बैकुंठ धाम की प्राप्ति हुई।

कथा स्थल पर संगीतमय भजनों की प्रस्तुति के बीच श्रद्धालु झूम उठे। भक्ति संगीत बजते ही कई भक्त भावविभोर होकर नाचने लगे और पूरा वातावरण हरि नाम संकीर्तन से गूंज उठा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी ताली बजाकर और झूमकर भक्ति में लीन हो गए।

आयोजनकर्ताओं की ओर से राजकुमार धूल्यांनी बबलू ने बताया कि भागवत कथा स्थल में  प्रसाद वितरण एवं श्रद्धालुओं के लिए सुचारु व्यवस्था की गई है। यह कथा 13 सितंबर तक प्रतिदिन संध्या समय तक चलेगी। समापन अवसर पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है ।

sushil tiwari

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!