
बिलासपुर। 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों को नकल कराते पकड़ी गई महिला व्याख्याता रंजना शर्मा को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने निलंबित कर दिया है। उड़नदस्ता दल की औचक जांच के दौरान शिक्षिका को परीक्षा कक्ष में प्रिंटेड नकल सामग्री बांटते हुए पाया गया। मामले की रिपोर्ट DPI को भेजी गई, जिसके बाद 28 मार्च को निलंबन आदेश जारी किया गया।
उड़नदस्ता दल की सख्ती में भी मिली गड़बड़ी –
बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कड़े निर्देश जारी किए थे। पूरे जिले में 6 उड़नदस्ता दल तैनात किए गए, जिनमें 36 अधिकारी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे। हालांकि, किसी भी छात्र को नकल करते नहीं पाया गया, लेकिन एक शिक्षिका को खुद नकल कराते हुए पकड़ा गया।
कैसे पकड़ी गई महिला व्याख्याता?-
17 मार्च को उड़नदस्ता दल ने तखतपुर विकासखंड के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, उसलापुर का निरीक्षण किया। वहां कक्ष क्रमांक 5 में ड्यूटी पर तैनात व्याख्याता रंजना शर्मा को छात्रों को नकल सामग्री बांटते हुए पाया गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने साक्ष्य एकत्र कर DPI को रिपोर्ट भेजी।
DPI ने किया सस्पेंड –
लोक शिक्षण संचालनालय की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया कि उनका यह कृत्य पदीय दायित्वों के खिलाफ है और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि के दौरान रंजना शर्मा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर में निर्धारित किया गया है।
शिक्षकों की भूमिका पर उठे सवाल –
छात्रों की नकल पर रोक लगाने के लिए प्रशासन सख्त नजर आया, लेकिन शिक्षकों द्वारा अनुचित साधनों का सहारा लिए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए और सख्ती बरती जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।