
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ के शराब घोटाले की जांच तेज हो गई है। राज्य अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। कोर्ट ने लखमा को 7 अप्रैल तक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट में थी जमानत याचिका, उससे पहले ही रिमांड –
कवासी लखमा के वकील फैजल रिजवी ने इस कार्रवाई को सुनियोजित बताते हुए कहा कि गुरुवार को हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले ही EOW ने पूछताछ के लिए आवेदन दिया और कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया।
ED ने 15 जनवरी को किया था गिरफ्तार –
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। वे 21 जनवरी से रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। ईडी ने शराब घोटाले में 10 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके करीबी नेताओं, कारोबारियों के 14 ठिकानों पर भी छापेमारी की थी।
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।