
रायपुर: प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर छत्तीसगढ़ ने राज्य गठन के 25 वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और अधोसंरचना विकास में नई राहें खोली हैं।
25 साल में बजट का आकार 30 गुना
राज्य बनने के समय 5,700 करोड़ रुपये से शुरू हुआ बजट अब बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये पार कर गया है। साय सरकार का पहला बजट “GYAN” पर आधारित था, जबकि दूसरे बजट में इसे “GATI” दी गई है — गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर फोकस करते हुए गरीब, किसान, युवा और महिला वर्ग को प्राथमिकता दी गई है।
बढ़ता GDP और प्रति व्यक्ति आय
राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वर्ष 2000 में केवल 21 हजार करोड़ रुपये था, जो अब 5 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है। वहीं प्रति व्यक्ति आय 10 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 1.63 लाख रुपये हो गई है। 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, छत्तीसगढ़ का GSDP 7.51% की दर से बढ़ रहा है, जो राष्ट्रीय औसत (6.4%) से बेहतर है।
अधोसंरचना और सुशासन का असर
साय सरकार के कार्यकाल में सड़कों, पुलों और ग्रामीण अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी गई है। महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पिछली सरकार के कुप्रबंधन को सुधारने के बाद योजनाओं को धरातल पर उतारने की गति तेज हुई है।
विजन 2047: आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजन 2047 डॉक्यूमेंट जारी किया है, जो आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इस विजन के तहत लक्ष्य रखा गया है कि राज्य की GDP को 2030 तक 11 लाख करोड़ और 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाया जाए।
कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित रणनीति और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों की आय को 10 गुना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।