
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 28 अगस्त को सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन, इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाले इस संगठन को एशिया के सबसे बड़े व्यापारिक मंचों में से एक माना जाता है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के अवसरों को बढ़ावा देना था।
निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत बातचीत की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। इस बैठक से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।”
KITA का उत्साह और निवेश की रुचि
बैठक में KITA के चेयरमैन और वाइस प्रेसिडेंट ने छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश के अवसरों के प्रति उत्साहित हैं और आने वाले समय में ठोस साझेदारी के कदम उठाए जाएंगे।
रोजगार और विकास के अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से हजारों रोजगार सृजित होंगे। तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। यह साझेदारी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में प्रदेश को वैश्विक साझेदारी और आत्मनिर्भरता का आदर्श उदाहरण बनाएगी।