बस्तर में बारिश और बाढ़ से बिजली व्यवस्था ध्वस्त: 147 गांवों की बिजली गुल, विभाग को 50 लाख का नुकसान

बस्तर: बस्तर संभाग में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, खासकर बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बारिश के चलते 130 से अधिक बिजली के पोल गिर गए और 147 गांवों की बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। इससे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाढ़ और जलभराव के कारण कई इलाकों में मरम्मत का काम भी बाधित हो रहा है।
अब तक 134 गांवों में बहाल हुई बिजली, 13 गांवों में जारी है सुधार कार्य
बिजली कंपनी की टीम लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही है। अब तक 147 में से 134 गांवों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है, जबकि शेष 13 गांवों में विद्युत कर्मी कार्यपालन अभियंता, सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं के नेतृत्व में पोल खड़े करने और लाइन सुधारने के काम में जुटे हुए हैं। इस पूरे कार्य की निगरानी स्वयं कार्यपालक निदेशक टीके मेश्राम और अधीक्षण अभियंता एनके पोयाम कर रहे हैं।
दंतेवाड़ा में भी भारी नुकसान, 56 गांवों में बिजली रही बंद
26 अगस्त की तेज बारिश के बाद बस्तर जिले में 33 केवी के 6 और 11 केवी के 61 पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे 91 गांवों की बिजली ठप हो गई। वहीं दंतेवाड़ा जिले में भी 33 केवी का 1 और 11 केवी के 62 पोल टूट गए, जिससे 56 गांव अंधेरे में डूब गए। हालांकि विद्युत कंपनी की तेजी से कार्रवाई के चलते अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी गई है। शेष गांवों में रविवार शाम तक बिजली व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जताई गई है।
ग्रामीणों ने बताया परेशानी का हाल
दरभा ब्लॉक के कोलेंग गांव के लोगों ने बताया कि इस बार इतनी मूसलधार बारिश हुई कि पेड़ और उसकी शाखाएं बिजली के तारों पर गिर पड़ीं, जिससे तीन दिनों तक बिजली पूरी तरह बंद रही। इससे ग्रामीणों को पीने के पानी, मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
जगदलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता एनके पोयाम ने सभी इंजीनियरों को निर्देशित किया है कि वे किसी भी स्थिति में प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करें। विद्युत कंपनी युद्धस्तर पर काम कर रही है ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।