पुलिस कांस्टेबल ने पवन साय की कार की में तोड़फोड़: गिरफ्तारी के बाद विभागीय कार्रवाई की संभावना

रायपुर। प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय की कार में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना को अंजाम देने वाला कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक पुलिस कांस्टेबल निकला। आरोपी कांस्टेबल राकेश त्रिपाठी फिलहाल पुलिस मुख्यालय में पदस्थ है और महात्मा गांधी परिसर स्थित पुलिस कॉलोनी में रहता है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 5:40 बजे पवन साय इलाज के लिए छत्तीसगढ़ डेंटल अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपनी कार अस्पताल के पास रोकी और अंदर चले गए। इस दौरान उनका चालक वाहन को पास ही महात्मा गांधी परिसर की पार्किंग में खड़ा कर कार में ही बैठा था। उसी समय ऊपर से मिट्टी से भरी बाल्टी अचानक कार पर फेंकी गई, जिससे कार का अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
जब चालक ने ऊपर देखा तो पाया कि यह हरकत दूसरी मंजिल पर रहने वाले कांस्टेबल राकेश त्रिपाठी ने की थी। आरोप है कि राकेश त्रिपाठी ने न सिर्फ गंदी गालियां दीं, बल्कि धमकाते हुए कहा – “तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे घर के नीचे गाड़ी खड़ी करने की।” इसके बाद उन्होंने लगातार गाली-गलौज की और कार पर हमला कर दिया।
घटना की सूचना तुरंत कोतवाली थाने में दी गई और शिकायत दर्ज कराई गई। सूत्रों के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल उस वक्त नशे में था, इसलिए रात में पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। हालांकि, जब मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया और दबाव बढ़ा तो पुलिस मंगलवार दोपहर कांस्टेबल के घर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर थाने लाई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
कांस्टेबल पर केस दर्ज, निलंबन की आशंका
कोतवाली पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल राकेश त्रिपाठी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 324(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। साथ ही विभागीय स्तर पर भी उसके खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शराब के नशे में इस तरह की हरकत करना पुलिस सेवा के अनुशासन के विरुद्ध है, जिस कारण कांस्टेबल को निलंबित किया जा सकता है।
सीएसपी कोतवाली ने पुष्टि की कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जबकि विभागीय कार्रवाई का निर्णय पुलिस मुख्यालय द्वारा लिया जाएगा क्योंकि आरोपी वहीं पदस्थ है।



