नान घोटाला केस: आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की अग्रिम जमानत रद्द, ED कस्टडी में भेजा गया

रायपुर: नान घोटाला मामले में रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन इस फैसले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। ED ने अदालत में बताया कि आरोपियों ने 2015 में दर्ज नान घोटाला मामले और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया और आलोक शुक्ला व अनिल टुटेजा को ED की हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने तय किया कि पहले दो हफ्ते उन्हें ED की हिरासत में रहना होगा और उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसी प्रक्रिया के बाद ही उन्हें जमानत मिल सकेगी।
ED ने कोर्ट को यह भी बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है। इस फैसले के बाद नान घोटाला केस में जांच और कार्रवाई पर तेज नजर रखी जा रही है।



