CG Liquor Scam Case: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड फिर बढ़ी, 12 नवंबर तक जेल में रहेंगे

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी न्यायिक रिमांड 12 नवंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है। रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद जज ने रिमांड बढ़ाने का फैसला सुनाया।
ईडी की कार्रवाई जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाले में मिली अवैध कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश करने का आरोप लगाया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने करीब 16.70 करोड़ रुपये नकद में ठेकेदारों को भुगतान कर फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदारी के बहाने धन शोधन किया।
विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फर्जी निवेश का आरोप
ईडी के अनुसार, चैतन्य ने त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर ‘विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ में फर्जी फ्लैट खरीद की योजना तैयार की थी। इसमें 5 करोड़ रुपये की रकम कर्मचारियों के नाम पर फर्जी खरीदी दिखाकर हेराफेरी की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि असल लाभार्थी खुद चैतन्य बघेल थे।
अन्य आरोपियों को भी नहीं मिली राहत
इसी मामले के एक और आरोपी निरंजन दास को भी अदालत से राहत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने उनकी रिमांड पर भी फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किया। ईडी ने बताया कि अब भी कई वित्तीय दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच बाकी है। अब चैतन्य बघेल 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, तब तक ईडी टीम उनसे जुड़े सबूतों और आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच करेगी।



