कांग्रेस का ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान: 15 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर फॉर्म दिल्ली रवाना

रायपुर। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। प्रदेशभर से करीब साढ़े 15 लाख से अधिक हस्ताक्षर फॉर्म एकत्र किए गए हैं, जिन्हें अब दिल्ली भेजा गया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर सभी फॉर्म को दिल्ली के लिए रवाना किया।
भाजपा पर निशाना: “वोट चोरी में माहिर पार्टी”
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भाजपा वोट चोरी कर सत्ता हासिल करने में माहिर है।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़ को देश के सामने उजागर किया है। बैज ने कहा कि अब BLO को घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
तीन चरणों में पूरा हुआ अभियान
कांग्रेस का यह हस्ताक्षर अभियान तीन चरणों में संपन्न हुआ—
मशाल रैली
पदयात्रा
जनसभा
पूरे प्रदेश से प्राप्त फॉर्म अब AICC के माध्यम से चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे।
इस अभियान का उद्देश्य चुनावी गड़बड़ी, मतदाता सूची में त्रुटियों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों पर जनता की आवाज बनना है।
दीपक बैज बोले — राज्योत्सव अब ‘लूट और भ्रष्टाचार’ का जरिया
राज्योत्सव आयोजन पर भी दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “राजधानी से 30 किमी दूर आयोजन कर जनता को राज्योत्सव से दूर रखा गया है। वहां न पानी की सुविधा है, न शौचालय की। जिलों में भी यही हाल है। राज्योत्सव अब लूट और भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है।”
किसान पंजीयन को लेकर कांग्रेस की मांग
धान खरीदी को लेकर बैज ने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी, लेकिन बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि 5 लाख से अधिक किसान अभी भी पंजीयन से वंचित हैं, इसलिए सरकार को ऑफलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए ताकि हर किसान अपना धान बेच सके।
मंत्री श्यामबिहारी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल द्वारा यह कहे जाने पर कि “कांग्रेस को प्रदेश की आबादी के 10 प्रतिशत का भी समर्थन नहीं मिला”, दीपक बैज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “भाजपा नेता अपने विभाग को संभाल नहीं पा रहे। अगर वे ध्यान देते, तो नकली दवाइयां नहीं बिकतीं और जनता को बेहतर इलाज मिलता। कांग्रेस की चिंता करना उनकी पुरानी आदत है।”



