अंबेडकर पार्क दीपका में भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जन्म जयंती मनाई गई
महिलाओं में शिक्षा की अलख जगाने सावित्री बाई फुले की योगदान भुलाया नहीं जा सकता

@सुशील तिवारी 9926176119
भारत की प्रथम महिला शिक्षिका क्रांति ज्योति माता सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर अंबेडकर पार्क दीपका में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमति देवाश्री पंकज सहित त्रिवेणी भास्कर, सरिता डहरिया, अनिता कुर्रे, सुषमा राय, सरोज आदिले, पार्वती देवी, भगवती दिनकर, हरा टंडन, जानकी कुर्रे अंजू जांगड़े रश्मि कुर्रे तथा माता सावित्रीबाई फुले जागृति सेवा समिति दीपका–गेवरा के सभी सदस्य एवं नगर के गणमान्य नागरिक डी एल टंडन, बी एल खूंटे, सहदेव जाटवार, श्रवण खंडे, प्रमोद राय, दयाराम भारद्वाज, पुरुषोत्तम दिवाकर ,राघवेंद्र ,मनोहर, संजय जांगड़े, अनिल जाटवर,उमा गोपाल, निलेश कुर्रे,अनिल समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के संघर्ष एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस दौर में महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था, उस कठिन समय में सावित्रीबाई ने समाज में शिक्षा की ज्योति जलाकर एक क्रांति की शुरुआत की। वक्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में शिक्षा जागृति फैलाने का संकल्प भी लिया।
मुख्य अतिथि देवाश्री पंकज ने उपस्थित जनों को हाथ उठाकर संविधान का उद्देशिका का संकल्प दिलाया ।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हम शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए कार्य करेंगे और महिलाओं के सम्मान व अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाएँगे।

सावित्रीबाई फुले का योगदान भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
यदि लोग शिक्षा को हथियार बना लें, तो समाज की हर बुराई समाप्त हो सकती है।
स्त्री शिक्षा ही समाज सुधार का सबसे बड़ा आधार है।
कार्यक्रम का सफल संचालन लाल साय मिरि ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और जयंती समारोह को सफल बनाया।



