Sukma News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 426 बच्चों के खाने में फिनाइल मिलने पर सरकार से मांगा जवाब

रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सुकमा के पाकेला पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में 21 अगस्त को 400 से अधिक छात्रों के भोजन में फिनाइल मिलने की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब मांगा है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद भोजन को नष्ट कर दिया गया और कलेक्टर की जांच समिति ने जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता जताई
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले को गंभीर बताया। कोर्ट ने कहा कि 426 बच्चों के खाने में फिनाइल मिलने की घटना अत्यंत गंभीर लापरवाही है। न्यायालय ने पूछा कि ऐसी घटनाओं पर किसी का ध्यान क्यों नहीं जाता और अगर कोई गंभीर दुर्घटना हो जाती तो हालात संभालना मुश्किल हो जाते।
पहले भी हुआ था झूठे खाने का मामला
इससे पहले, इस साल 28 जुलाई को बलौदाबाजार के मिडिल स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में आवारा कुत्ते का जूठा भोजन परोसा गया था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और पीड़ित 84 बच्चों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
राजनीतिक हलचल
21 अगस्त की रात फिनाइल मिलने के बाद भोजन को नष्ट कर दिया गया। कलेक्टर की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी। इसके अलावा, कांग्रेस की गठित जांच टीम और बस्तरिया राज मोर्चा के प्रतिनिधि भी पोर्टा केबिन पहुंचे और मामले की समीक्षा की।