Flood in Bastar: बस्तर में मूसलधार बारिश से बाढ़, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, कई यात्री फंसे

बस्तर जिले में 25 से 27 अगस्त 2025 के बीच हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क कट गया है और सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। कई यात्री इन मार्गों पर फंसे हुए हैं।
बाढ़ में फंसे परिवारों के लिए SDRF और हेलीकॉप्टर से राहत कार्य
लोहंडीगुड़ा तहसील के ग्राम मांदर में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई, जिससे 85 परिवारों को अपने घर छोड़ना पड़ा। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने बाढ़ में फंसे 15 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि पानी से घिरे 5 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया। कलेक्टर की जांच समिति ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी है।
सड़क मार्ग बाधित, यात्री फंसे
नेशनल हाइवे पर जगह-जगह पानी भरने से झीरम घाटी के पास घंटों तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जाने वाले मार्ग कट गए, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
राज्य सरकार और प्रशासन की तत्परता
मुख्यमंत्री ने SDRF को हाई अलर्ट पर रखने और बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
IMD की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बस्तर भी शामिल है। भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तूफान की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नदी-नाले उफान पर, कई गांव टापू बने
बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं।
सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बस्तर जिले में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति गंभीर है। प्रशासन और राहत दलों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नागरिकों की सतर्कता और सहयोग भी आवश्यक है। सभी से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित रहें।