
नवरात्रि के नौवें दिन, 1 अक्टूबर 2025 को, शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी तिथि का आरंभ 30 सितंबर 2025 को शाम 6:06 बजे हुआ और समापन 1 अक्टूबर 2025 को शाम 7:01 बजे होगा
नवमी पूजा के शुभ मुहूर्त
नवमी पूजा के लिए विभिन्न शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:10 बजे से 2:58 बजे तक
गोधूलि वेला: शाम 6:08 बजे से 6:32 बजे तक
अमृत काल: रात 2:56 बजे, 1 अक्टूबर से 4:40 बजे, 1 अक्टूबर तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:47 बजे से 12:35 बजे, 1 अक्टूबर तक
पूजन विधि
स्नान और शुद्धता: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मंदिर की सफाई: मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें।
मां का अभिषेक: मां सिद्धिदात्री की मूर्ति या चित्र का गंगाजल से अभिषेक करें।
पुष्प और सामग्री अर्पित करें: लाल चंदन, अक्षत, चुनरी, सिंदूर, पीले और लाल पुष्प अर्पित करें।
प्रसाद अर्पित करें: चना, पूड़ी, मौसमी फल, खीर, हलवा या नारियल का भोग अर्पित करें।
आरती और पाठ: धूपबत्ती और घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
कन्या पूजन: नौ कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोजन और उपहार दें।
प्रिय पुष्प और वस्त्र
प्रिय पुष्प: लाल रंग के गुड़हल, रात की रानी या गुलाब के पुष्प अर्पित करें।
प्रिय वस्त्र: लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ रहेगा।
मौसम पूर्वानुमान
1 और 2 अक्टूबर को नवमी और दशहरे के अवसर पर लगभग 40 से 50 जिलों में बारिश की संभावना है। इसलिए पूजा स्थल पर जलभराव और कीचड़ से बचने के लिए विशेष तैयारी करें
नवमी पूजा के इस विशेष अवसर पर मां सिद्धिदात्री की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास हो। जय माता दी!



