दलपत सागर की हो रही सफाई: 2200 से अधिक जलकुंभी हटाई गई, बनेगा पर्यटकों का आकर्षण केंद्र

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में स्थित सबसे बड़े धरोहर स्थलों में से एक दलपत सागर, जो लगभग 350 एकड़ में फैला है, अब पूरी तरह से साफ होने की दिशा में है। निगम सरकार ने सागर की सफाई और संरक्षण के लिए काम शुरू कर दिया है। इस सागर की सफाई को लेकर हमेशा राजनीति में बयानबाजी होती रही है और हर चुनाव में इसे मुद्दा बनाया जाता रहा है। इस बार निगम ने बिना अपने खर्चे के जलकुंभी हटाने का काम शुरू किया है।
मशीनों और जेसीबी से तेज हुई सफाई
दलपत सागर की सफाई के लिए मशीनों और जेसीबी का इस्तेमाल किया गया है। बीते दो महीनों में लगभग 2200 से अधिक टिप्पर जलकुंभी बाहर निकाली जा चुकी हैं। अब तक सफाई में 60 प्रतिशत जलकुंभी हटाई जा चुकी है। खास बात यह है कि इस सफाई में निगम की ओर से कोई खर्च नहीं किया गया है।
सीएसआर मद से हो रहा खर्च
मेयर और उनकी टीम ने दलपत सागर का निरीक्षण किया और कहा कि यह सागर शहर की शान और सबसे बड़ा धरोहर स्थल है। उन्होंने बताया कि सागर की सफाई में होने वाले खर्चे सीएसआर मद से किए जा रहे हैं, निगम का एक पैसा भी इसमें नहीं लगाया गया।
पर्यटकों के लिए बनेगा आकर्षण स्थल
महापौर संजय पांडे ने कहा कि आने वाले 2-3 महीनों में दलपत सागर से जलकुंभी पूरी तरह हटाई जाएगी और इसे पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इसके साथ ही सागर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह सागर सबसे सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाएगा।



