लगातार बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता: कटाई के समय भीग रही धान की फसल, नुकसान की आशंका

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से जारी रिमझिम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल कटाई के ठीक पहले बारिश की चपेट में आ गई है। विशेष रूप से कवर्धा जिले में करीब 1 लाख 10 हजार किसानों की 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लगी धान की फसल प्रभावित हो रही है।
खेतों में रुकी कटाई, गिरने लगी फसल
दो से तीन दिनों से जारी लगातार बारिश और बादलों से घिरे मौसम के कारण कटाई का काम ठप हो गया है। कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल झुकने लगी है, जिससे धान की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। किसानों ने फसल को बचाने के लिए तिरपाल और अस्थायी इंतज़ाम किए हैं, लेकिन लगातार नमी और भीगने से फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विभाग की अपील – “अभी न करें कटाई”
कृषि विभाग के डीडीए अमित कुमार मोहंती ने किसानों से अपील की है कि वे अगले तीन से चार दिन तक धान की कटाई रोक दें। उन्होंने बताया कि ओडिशा और आंध्रप्रदेश से आ रहे तूफान के असर के चलते राज्य में कुछ दिनों तक हल्की बारिश जारी रह सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम साफ होने के बाद ही कटाई शुरू करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों की फसल बारिश या गिरने से प्रभावित हुई है, वे फसल बीमा योजना के तहत नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन करें।
किसानों की पीड़ा – “मेहनत पर पानी फिर गया”
कवर्धा के किसान तिजऊ राम पटेल ने बताया, “हम लोग कटाई की तैयारी में थे, लेकिन अब बारिश से सारा काम रुक गया है। खेतों में फसल भीग रही है, नुकसान का डर है।”
वहीं बेमेतरा के किसान शिवकुमार पटेल ने कहा, “अगर दो दिन और बारिश जारी रही तो धान का दाना सड़ जाएगा। अब बस मौसम के साफ होने का इंतजार है।”
विशेषज्ञों की चेतावनी – उत्पादन में 20% तक की गिरावट संभव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो धान उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। लगातार बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण भंडारण और परिवहन में भी मुश्किलें आ सकती हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक हल्की बारिश की संभावना जताई है और किसानों को सलाह दी है कि वे जल्दबाजी में कटाई न करें तथा फसल को सुरक्षित रखने के लिए मौसम के पूरी तरह साफ होने तक इंतजार करें।



