बिलासपुर में एक ट्रैक पर 3 ट्रेनें आमने-सामने, रेल प्रशासन का स्पष्टीकरण जारी, देखें वीडियो…

बिलासपुर रेल मंडल से जुड़ी एक घटना ने यात्रियों को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। बताया जा रहा है कि एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनों को चलते हुए देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई गलती या तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम (Automatic Signalling System) की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
क्या है ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम में हर एक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं। जैसे ही कोई ट्रेन किसी सेक्शन को पार करती है, उसके पीछे आने वाली ट्रेन को अगले सेक्शन तक बढ़ने की अनुमति मिल जाती है। इसी कारण ऐसा प्रतीत होता है मानो तीन ट्रेनें एक साथ एक ही ट्रैक पर चल रही हों, जबकि वास्तव में वे सुरक्षित दूरी पर होती हैं।
मालगाड़ी और यात्री ट्रेन एक ही ट्रैक पर
रेल प्रशासन ने यह भी बताया कि मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक नहीं होते। दोनों प्रकार की ट्रेनें एक ही ट्रैक पर नियंत्रित सिग्नलिंग व्यवस्था के तहत चलती हैं। वर्ष 2023 से यह प्रणाली बिलासपुर रेलखंड में लागू है और अब तक यह पूरी तरह सुरक्षित साबित हुई है।
रेलवे ने की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक वीडियो और अफवाहों पर ध्यान न दें। रेलवे की यह आधुनिक प्रणाली ट्रेनों के सुरक्षित, तेज और सुचारु संचालन के लिए बनाई गई है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बेहद कम हो जाती है।



